
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को जंतर मंतर पर छात्र कार्यकर्ता निसु आज़ाद के पिता, संजय कुमार, पर हुए कथित हमले के FIR में ‘हत्या का प्रयास’ और ‘सुरक्षित वर्ग एवं जनजाति (अपराध रोकथाम) अधिनियम’ की धारा जोड़कर जवाब दिया। यह कदम CJP के प्रतिनिधियों के साथ कई घंटों की चर्चा और पुलिस स्टेशन के बाहर आयोजित सिट‑इन के बाद आया।
FIR में नई धारा: ‘हत्या का प्रयास’ और SC/ST अधिनियम
दिल्ली पुलिस ने FIR में 307 (धारा 109 बीएनएस), 326 (धारा 118(2) बीएनएस) के साथ-साथ SC/ST (अपराध रोकथाम) अधिनियम की धारा भी जोड़ दी। इस संशोधन के अनुसार, संजय कुमार पर ‘स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचाने के लिए खतरनाक हथियार’ और ‘हत्या का प्रयास’ के आरोप भी लगे हैं।
पुलिस ने बताया कि संजय कुमार को राम मोहन लोहिया अस्पताल में जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि चोटें ‘साधारण प्रकृति की’ हैं और ‘क़दा’ (धातु की कंगन) के कारण हुई हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘खोपड़ी में दरार’ का दावा चिकित्सा रिपोर्ट से समर्थित नहीं है।
CJP के प्रतिनिधियों की मांग और चर्चा
कॉकroach जांता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने, जिनमें प्रवक्ता सौरव दास, सह-संचालक आशुतोष रंका और मिसेज़ आज़ाद शामिल हैं, पुलिस स्टेशन पर सिट‑इन के दौरान अपनी मांगें रखीं। उन्होंने पुलिस से ‘सभी आरोपों को मजबूत करने’ और ‘स्वतंत्र भर्धवाज’ के खिलाफ ‘72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी’ का वादा करने को कहा।
“पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। ‘307, 326 और SC/ST अधिनियम’ की धारा FIR में जोड़ दी जाएगी। वे इस पर काम कर रहे हैं,” सौरव दास ने कहा।
सौरव दास ने यह भी दावा किया कि ‘स्वतंत्र भर्धवाज’ ने वीडियो में दावा किया था कि उन्हें ‘राजनीतिक संबंधों’ के कारण जेल नहीं जाना पड़ा और दिल्ली मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘पुलिस को बुलाया’ ताकि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए। CJP ने पुलिस से इन दावों की पुष्टि करने को भी कहा।
पुलिस का जवाब: चोट की प्रकृति और राजनीतिक हस्तक्षेप का इनकार
नव दिल्ली DCP सचिन शर्मा ने बताया कि संजय कुमार को ‘क़दा’ से सिर पर चोट लगी थी। पुलिस ने कहा कि ‘क़दा’ हथियार नहीं है और ‘खोपड़ी में दरार’ का दावा चिकित्सा रिपोर्ट से समर्थित नहीं है।
“संजय जी को क़दा से सिर पर चोट लगी। यह एक साधारण चोट है, और चिकित्सा रिपोर्ट में खोपड़ी में दरार का कोई उल्लेख नहीं है,” सचिन शर्मा ने कहा।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘स्वतंत्र भर्धवाज’ के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान अभी तक नहीं हुई है और ‘कुछ ने वीडियो पोस्ट करके मिसेज़ आज़ाद को धमकी दी’ के दावे पर भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
साक्ष्य और चिकित्सा रिपोर्ट: विवाद का केंद्र
सौरव दास ने संजय कुमार की चोट को ‘सिर की हड्डी खुली’ बताया और कहा कि ‘चोट का आकार इतना बड़ा था कि हत्याकांड का आरोप लगाना आवश्यक है।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘क़दा’ के बजाय ‘खतरनाक हथियार’ का इस्तेमाल हुआ।
पुलिस के अनुसार, संजय कुमार को राम मोहन लोहिया अस्पताल में जांच के बाद यह निष्कर्ष निकला कि चोटें ‘साधारण प्रकृति की’ हैं। चिकित्सा रिपोर्ट में खोपड़ी में दरार का कोई उल्लेख नहीं है। पुलिस ने यह भी कहा कि ‘क़दा’ हथियार नहीं है और ‘खतरनाक हथियार’ के आरोप का कोई आधार नहीं है।
निसु आज़ाद की प्रतिक्रिया और ऑनलाइन उत्पीड़न
निसु आज़ाद ने घटना के बाद ऑनलाइन उत्पीड़न और ‘रैप्ट्री थ्रेट्स’ का सामना किया। उन्होंने कहा कि ‘लोग मुझे रैप्ट्री थ्रेट्स भेज रहे हैं, अपमान कर रहे हैं, और मेरे बारे में घृणास्पद स्टिकर बना कर साझा कर रहे हैं। मैंने इन व्यक्तियों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की है और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज है।’
“इस घटना और उसके बाद के ऑनलाइन उत्पीड़न ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। मैं घर से बाहर निकलने में शर्म महसूस करती थी। इस घटना के बाद मैं 2-4 हफ्तों तक स्कूल नहीं जा सकी,” निसु आज़ाद ने कहा।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘पुलिस अब जवाब दे रही है और आगे भी देगी, ताकि मुझे फिर से इस तरह का अनुभव न करना पड़े।’
सिट‑इन और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप
शुक्रवार को जंतर मंतर पर CJP के प्रतिनिधियों ने पुलिस स्टेशन के बाहर सिट‑इन किया। नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद और पर्निया सांसद पप्पू यादव भी चर्चाओं में शामिल हुए।
पुलिस ने CJP के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि ‘राजनीतिक हस्तक्षेप’ के दावे का कोई आधार नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘स्वतंत्र भर्धवाज’ को ‘72 घंटे के भीतर गिरफ्तार’ किया जाएगा, जैसा कि CJP के प्रतिनिधियों को वादा किया गया था।
समीक्षा और आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने FIR में नई धारा जोड़ने के बाद, ‘72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी’ के वादे को पूरा करने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि ‘सभी आरोपों की जाँच पूरी तरह से की जाएगी और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।’
संजय कुमार की चोट के बारे में विवाद जारी है, और चिकित्सा रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने ‘साधारण चोट’ का निष्कर्ष निकाला है। CJP के प्रतिनिधियों ने अभी भी ‘हत्या का प्रयास’ और ‘SC/ST अधिनियम’ की धारा जोड़ने की मांग की है।
निसु आज़ाद ने ऑनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज की है और पुलिस से आशा जताई है कि आगे भी वे इस मामले पर ध्यान देंगे।
इस घटना के बाद दिल्ली में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है, और पुलिस ने स्टेशन के बाहर भारी तैनाती की है।