
बोधन एआई और AI4भारत ने भारतीय भाषाओं के लिए चार प्रमुख एआई मॉडल लॉन्च किए
9 सितंबर 2026 को सुबह 12:29 बजे, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के समर्थन से IIT मड्रास में स्थापित बोधन एआई (Centre of Excellence in AI for Education) और AI4भारत (IIT मड्रास का शोध प्रयोगशाला) ने भारतीय भाषाओं के लिए चार फाउंडेशनल एआई मॉडल सार्वजनिक रूप से जारी किए। ये मॉडल स्पीच रिकग्निशन, स्पीच जनरेशन, मशीन ट्रांसलेशन और ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) के चार प्रमुख क्षमताओं को कवर करते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि ये मॉडल ओपन-वेट रिलीज़ और होस्टेड एपीआई के माध्यम से तकनीकी और शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे सरकारी भागीदारों और सार्वजनिक संस्थानों को बहुभाषी एआई क्षमताओं को शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवा अनुप्रयोगों में लागू करने का अवसर मिलेगा।
बोधन एआई और AI4भारत का सहयोग
बोधन एआई, जो IIT मड्रास के भीतर एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करता है, शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर भारतीय भाषाओं के लिए एआई मॉडल विकसित कर रहा है। AI4भारत, IIT मड्रास का एक शोध प्रयोगशाला, इस परियोजना में तकनीकी विशेषज्ञता और शोध संसाधन प्रदान करता है। दोनों संस्थानों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि मॉडल भारतीय भाषाओं की विविधता और जटिलता को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाएँ।
चार प्रमुख एआई क्षमताएँ
1. स्पीच रिकग्निशन (Speech Recognition)
यह मॉडल बोले गए शब्दों को लिखित रूप में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। भारतीय भाषाओं में उच्चारण, लहजा और बोलचाल के विविध रूपों को पहचानने के लिए इसे विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
2. स्पीच जनरेशन (Speech Generation)
इस मॉडल के माध्यम से लिखित पाठ को प्राकृतिक और स्पष्ट आवाज़ में परिवर्तित किया जा सकता है। यह विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में पाठ्यपुस्तकों, ऑडियोबुक्स और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए उपयोगी है।
3. मशीन ट्रांसलेशन (Machine Translation)
यह मॉडल भारतीय भाषाओं के बीच अनुवाद करने में सक्षम है। इससे शैक्षिक सामग्री को विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध कराने में आसानी होगी, जिससे समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
4. ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR)
यह मॉडल स्कैन किए गए दस्तावेज़ों और छवियों से टेक्स्ट निकालने में सक्षम है। यह शैक्षिक संसाधनों के डिजिटलीकरण और डिजिटल लाइब्रेरी निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ओपन-वेट रिलीज़ और होस्टेड एपीआई
मॉडल ओपन-वेट रिलीज़ के रूप में उपलब्ध होंगे, जिससे शोधकर्ताओं और डेवलपर्स को मॉडल के वज़न (weights) तक पहुँच मिलेगी। इसके अलावा, होस्टेड एपीआई के माध्यम से इन क्षमताओं को सीधे अनुप्रयोगों में एकीकृत किया जा सकता है।
प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया कि इस पहल से शैक्षिक तकनीकी कंपनियों को बिना शून्य से मॉडल विकसित किए, भारतीय भाषा एआई क्षमताओं को अपने उत्पादों में जोड़ने का अवसर मिलेगा। इससे नवाचार को गति मिलेगी और भारतीय भाषाओं में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के लिए लाभ
सरकारी भागीदारों और सार्वजनिक संस्थानों के लिए यह पहल बहुभाषी एआई क्षमताओं को अपनाने का एक आसान और सुलभ मार्ग प्रस्तुत करती है। शिक्षा मंत्रालय के समर्थन से, ये मॉडल शैक्षिक कार्यक्रमों, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, और सार्वजनिक सेवा पोर्टलों में आसानी से लागू किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, यह पहल भारत के डिजिटल साक्षरता लक्ष्यों के अनुरूप है, जहाँ सभी नागरिकों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा और सूचना तक पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।
शैक्षिक तकनीकी कंपनियों के लिए नई संभावनाएँ
EdTech कंपनियाँ अब इन एआई मॉडलों को अपने प्लेटफार्मों में एपीआई के माध्यम से जोड़ सकती हैं। इससे उन्हें शून्य से मॉडल विकसित करने की लागत और समय बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह उन्हें अपने उपयोगकर्ताओं को अधिक समृद्ध और बहुभाषी अनुभव प्रदान करने में सक्षम बनाएगा।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि यह पहल भारतीय भाषाओं के लिए एआई शोध और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे शोधकर्ताओं को मॉडल के वज़न पर आधारित नई शोध परियोजनाएँ शुरू करने का अवसर मिलेगा।
भविष्य की दिशा और अपेक्षाएँ
बोधन एआई और AI4भारत ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में और अधिक भाषाओं के लिए मॉडल विकसित करने की योजना है। साथ ही, वे मॉडल की सटीकता और दक्षता में सुधार के लिए निरंतर शोध और डेटा संग्रह पर कार्यरत हैं।
इस पहल के माध्यम से, भारत में एआई आधारित शिक्षा और सार्वजनिक सेवा अनुप्रयोगों की गुणवत्ता और पहुँच में सुधार की उम्मीद है। यह कदम भारतीय भाषाओं के डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, "सरकारी भागीदारों और सार्वजनिक संस्थानों को अब बहुभाषी एआई क्षमताओं को अपनाने का एक आसान और सुलभ मार्ग उपलब्ध है।"
इस प्रकार, बोधन एआई और AI4भारत द्वारा जारी चार फाउंडेशनल एआई मॉडल भारतीय भाषाओं में शिक्षा और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार हैं। ये मॉडल ओपन-वेट रिलीज़ और होस्टेड एपीआई के माध्यम से उपलब्ध होने के कारण, शोधकर्ताओं, डेवलपर्स और शैक्षिक संस्थानों के लिए एक नया अवसर प्रस्तुत करते हैं।